PCOS है या नहीं, यह जानना उतना आसान नहीं है जितना लगता है।
बहुत सी महिलाएं सोचती हैं कि एक sonography करा लेंगी और पता चल जाएगा। कुछ को लगता है कि period अनियमित होने से PCOS confirm हो जाता है। और कुछ internet पर report देखकर खुद diagnosis कर लेती हैं।
इनमें से कोई भी तरीका सही नहीं है।
PCOS एक ऐसी condition है जिसे confirm करने के लिए कई tests मिलकर तस्वीर बनाते हैं। अकेली sonography, अकेला blood test, या सिर्फ symptoms देखकर PCOS diagnose नहीं होता।
इस लेख में डॉ. कौशल पटेल, iSHA Women’s Hospital & IVF Centre, वापी के संस्थापक, हर उस test को आसान भाषा में समझा रहे हैं जो PCOS की जांच में होती है। यह जानना ज़रूरी है ताकि आप जांच के लिए तैयार जाएं और रिपोर्ट देखकर घबराएं नहीं।
PCOS confirm होने के लिए क्या-क्या ज़रूरी है: Rotterdam Criteria
दुनिया भर के doctors PCOS diagnose करने के लिए एक standard follow करते हैं जिसे Rotterdam Criteria कहते हैं।
इसके अनुसार नीचे दी गई तीन चीज़ों में से कम से कम दो होनी चाहिए:
- पीरियड अनियमित हो या बिल्कुल न आता हो
- खून में male hormones (androgens) बढ़े हुए हों, या चेहरे पर बाल, मुंहासे जैसे उसके लक्षण दिखते हों
- Sonography में ovaries में 12 से ज़्यादा छोटे-छोटे follicles दिखें
यानी हर महिला में PCOS की तस्वीर थोड़ी अलग हो सकती है। किसी में sonography normal हो लेकिन hormones गड़बड़ हों। किसी में periods तो अनियमित हों लेकिन sonography में कुछ न दिखे। इसीलिए सिर्फ एक test से diagnosis नहीं होता।
Test 1: Sonography (Ultrasound): सबसे पहले यही होती है

PCOS की जांच में पहला और सबसे आम step पेट की sonography होती है, जिसे pelvic ultrasound कहते हैं।
Sonography में क्या देखा जाता है
Doctor sonography में तीन चीज़ें देखते हैं:
- Follicles की संख्या: एक या दोनों ovaries में अगर 12 से ज़्यादा छोटे follicles हों (हर follicle 2 से 9mm का), तो यह PCOS का एक संकेत है। इन्हें “pearl necklace pattern” भी कहते हैं क्योंकि ये ovary के किनारे-किनारे मोतियों की माला जैसे दिखते हैं।
- Ovary का size: अगर एक या दोनों ovaries का volume 10 ml से ज़्यादा हो, तो यह भी PCOS का संकेत हो सकता है।
- Uterus की परत (Endometrium): लंबे समय तक period न आने पर endometrium बहुत मोटी हो जाती है। Sonography में यह दिखता है।
Sonography कब कराएं
अगर पीरियड आ रहा है तो cycle के 2nd से 5th दिन के बीच करानी चाहिए। इस वक्त ovaries में कोई dominant follicle नहीं होता इसलिए PCOS pattern साफ दिखता है।
अगर पीरियड नहीं आ रहा तो कभी भी करा सकते हैं।
ज़रूरी बात: Sonography से अकेले PCOS confirm नहीं होता
बहुत सी normal महिलाओं में भी sonography में multiple follicles दिख सकते हैं। और कुछ PCOS patients की sonography बिल्कुल normal आ सकती है।
इसीलिए sonography सिर्फ एक piece of the puzzle है, पूरी तस्वीर नहीं।
Test 2: Hormone Panel (Blood Tests): असली जवाब यहाँ मिलता है

PCOS की असली पहचान hormones में होती है। यह blood tests के ज़रिए होती है जो cycle के 2nd या 3rd दिन किए जाते हैं।
LH और FSH: अनुपात देखा जाता है
LH (Luteinizing Hormone) और FSH (Follicle Stimulating Hormone) दोनों ovulation को control करते हैं।
Normal में LH और FSH का ratio लगभग 1:1 होता है। PCOS में LH, FSH से बहुत ज़्यादा हो जाता है। Ratio अगर 2:1 या 3:1 से ज़्यादा हो तो यह PCOS का एक संकेत है।
आसान भाषा में: अगर report में LH की संख्या FSH से दो या तीन गुना ज़्यादा हो, तो डॉक्टर इसे ध्यान से देखते हैं।
Testosterone और DHEAS: male hormones की जांच
PCOS में ovaries ज़्यादा male hormones बनाती हैं। Blood में testosterone का बढ़ा होना PCOS का एक मुख्य indicator है।
DHEAS adrenal glands से आता है। अगर यह भी बढ़ा हो तो doctor यह देखते हैं कि problem ovaries में है या adrenal glands में।
यही वे hormones हैं जो चेहरे पर बाल, मुंहासे, और बाल झड़ने के ज़िम्मेदार होते हैं।
Prolactin: PCOS जैसे symptoms की दूसरी वजह rule out होती है
Prolactin एक hormone है जो normally सिर्फ breastfeeding के दौरान बढ़ता है। लेकिन कभी-कभी बिना pregnancy के भी बढ़ जाता है और PCOS जैसे symptoms बना सकता है, खासकर irregular periods और milk जैसा discharge।
इसे test करके PCOS और prolactin problem में फर्क किया जाता है।
AMH: PCOS की सबसे reliable marker
AMH यानी Anti-Müllerian Hormone। यह ovary में मौजूद follicles से बनता है।
PCOS में ovaries में बहुत ज़्यादा अधपके follicles होते हैं इसलिए AMH का level बहुत बढ़ा होता है। Normal range 1-3 ng/mL होती है, PCOS में यह 5, 8, 10 या इससे भी ज़्यादा हो सकती है।
AMH test cycle के किसी भी दिन हो सकता है। यह PCOS की सबसे consistent और reliable marker मानी जाती है। अगर report में AMH बहुत ज़्यादा है, तो PCOS की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
AMH साथ ही ovarian reserve भी बताता है, यानी अंडों का भंडार कितना है। PCOS में यह भंडार अच्छा होता है जो IVF के लिए एक positive बात है।
Test 3: Thyroid Test (TSH): PCOS से पहले इसे rule out करना ज़रूरी है

Thyroid की गड़बड़ी और PCOS के symptoms बहुत मिलते-जुलते हैं। दोनों में irregular periods, वज़न बढ़ना, और थकान होती है।
इसके अलावा PCOS और thyroid problem एक साथ भी हो सकते हैं।
TSH test से पता चलता है कि thyroid ठीक से काम कर रही है या नहीं। अगर TSH बढ़ा हो (Hypothyroidism) तो यह symptoms का कारण हो सकता है। इसे ठीक करने के बाद PCOS के symptoms भी कम हो सकते हैं।
इसीलिए हर PCOS evaluation में TSH test ज़रूरी होता है।
थायराइड और पीरियड के रिश्ते को और गहराई से समझने के लिए थायराइड और पीरियड्स पढ़ें।
Test 4: Blood Sugar और Insulin Test: PCOS की जड़ देखना
PCOS में बहुत सी महिलाओं को insulin resistance होती है। शरीर insulin बनाता है लेकिन cells उसे ठीक से use नहीं कर पातीं।
इसके लिए दो tests होते हैं:
- Fasting Blood Sugar: खाली पेट का blood sugar। यह pre-diabetes या diabetes का संकेत दे सकता है।
- Fasting Insulin: खाली पेट insulin का level। अगर blood sugar normal हो लेकिन insulin बहुत ज़्यादा हो, यह insulin resistance का संकेत है।
इन दोनों से HOMA-IR calculate होता है जो insulin resistance की severity बताता है।
यह test इसलिए ज़रूरी है क्योंकि अगर insulin resistance confirm हो जाए, तो treatment में Metformin जैसी दवा दी जाती है जो directly इसे target करती है और PCOS के symptoms को बहुत improve करती है।
Test 5: Physical Examination: रिपोर्ट से पहले doctor क्या देखते हैं
Lab tests से पहले doctor कुछ चीज़ें physically भी देखते हैं जो PCOS की तरफ इशारा करती हैं।
- Hirsutism score: चेहरे, ठुड्डी, पेट, या पीठ पर अनचाहे बाल। Doctor इन्हें एक standard score (Ferriman-Gallwey score) से measure करते हैं।
- Skin पर काली धारियां: गर्दन, बगल, या जांघों पर dark patches। यह insulin resistance का बाहरी संकेत है।
- BMI और waist measurement: वज़न और कमर का माप PCOS severity से जुड़ा होता है।
- Acne pattern: jawline और chin पर मुंहासे androgen excess का संकेत।
यह physical examination बिल्कुल painless है और doctor इसे आपसे बात करते हुए ही कर लेते हैं।
PCOS की report में क्या-क्या आता है: इसे पढ़ना सीखें
Report देखकर घबराने की जगह समझने की कोशिश करें। यह सबसे common values हैं जो PCOS में देखी जाती हैं।
- AMH ज़्यादा है: 3.5 ng/mL से ऊपर PCOS में आम है। 5 से ऊपर हो तो PCOS की confirmation और मज़बूत।
- LH:FSH ratio 2:1 से ज़्यादा: PCOS का classic hormonal pattern।
- Total Testosterone बढ़ा हुआ: Normal range women में 15 से 70 ng/dL। इससे ज़्यादा हो तो androgen excess।
- Sonography में “multiple follicles”: दोनों ovaries में 12+ follicles, pearl necklace pattern। घबराएं नहीं, यह cysts नहीं हैं, यह अधपके अंडे हैं।
- TSH normal: अच्छी बात, thyroid की problem नहीं।
- Fasting insulin बढ़ा हुआ: Insulin resistance है, treatment में Metformin help करेगा।

एक ज़रूरी बात: Report अकेले मत पढ़ें। Doctor को दिखाएं। एक value का अकेले बढ़ना या घटना हमेशा PCOS नहीं होता। सारी values मिलकर तस्वीर बनाती हैं।
PCOS की जांच के बारे में 3 सबसे बड़ी गलतफहमियां
गलतफहमी 1: “Sonography में cysts दिखे तो PCOS है”
PCOS में जो दिखता है वह cysts नहीं, बल्कि बहुत सारे छोटे-छोटे अधपके follicles हैं। और सिर्फ इनके दिखने से PCOS confirm नहीं होता। Hormones और symptoms दोनों मिलकर diagnosis बनाते हैं।
गलतफहमी 2: “Period regular है तो PCOS नहीं हो सकता”
गलत। Lean PCOS में period regular हो सकता है लेकिन hormones और sonography में PCOS के signs हों। इसीलिए सिर्फ period देखकर PCOS को rule out नहीं किया जा सकता।
गलतफहमी 3: “एक बार confirm हो गया तो हमेशा रहेगा”
PCOS एक manageable condition है। सही lifestyle, दवाएं, और समय के साथ symptoms बहुत better हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में weight loss के बाद hormones normal हो जाते हैं और period regular हो जाता है।
डॉ. कौशल पटेल की सलाह
“हर हफ्ते मेरे पास ऐसी महिलाएं आती हैं जो report लेकर आती हैं और बहुत घबराई हुई होती हैं। Sonography में multiple follicles लिखा है, AMH 7 है, LH FSH से तीन गुना ज़्यादा है। वे सोचती हैं कि यह कोई बड़ी बीमारी है।
मैं उनसे यही कहता हूं: report खराब नहीं है, बस इसे पढ़ना आना चाहिए। और उससे भी ज़्यादा ज़रूरी यह है कि diagnosis के बाद क्या करना है।
PCOS की जांच का मकसद डराना नहीं है। मकसद यह समझना है कि शरीर में ठीक क्या हो रहा है ताकि सही plan बनाया जा सके। वापी, वलसाड, दमन और आसपास की महिलाएं यहाँ iSHA में सब tests एक जगह करा सकती हैं और उसी दिन समझ सकती हैं कि आगे क्या करना है।”
डॉ. कौशल पटेल
स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ, IVF Specialist
संस्थापक, iSHA Women’s Hospital & IVF Centre, वापी
12,000+ सफल सर्जरी | 25,000+ परामर्श | 15+ वर्ष का अनुभव
PCOS की जांच के लिए तैयारी कैसे करें
Test के दिन इन बातों का ध्यान रखें:
- Blood tests खाली पेट करने होते हैं, कम से कम 8 से 10 घंटे कुछ न खाएं
- अगर पीरियड आ रहा है तो cycle के 2nd या 3rd दिन blood tests और sonography एक साथ कराना सबसे अच्छा है
- अगर पीरियड नहीं आ रहा तो कभी भी करा सकते हैं
- Sonography के लिए bladder थोड़ा भरा होना चाहिए, पहले थोड़ा पानी पिएं
- कोई भी hormone medicine ले रही हों तो doctor को पहले बताएं
PCOS और उससे जुड़े सभी symptoms और कारणों की पूरी जानकारी के लिए PCOD और PCOS क्या होता है पढ़ें।
सारांश: pcos test kaise hota hai
PCOS का पता लगाने के लिए पाँच तरह की जांचें मिलकर काम करती हैं: pelvic sonography, hormone panel (LH, FSH, Testosterone, Prolactin, AMH), thyroid test (TSH), blood sugar और insulin, और physical examination। इनमें से कोई एक अकेला PCOS confirm नहीं कर सकता।
Sonography में pearl necklace pattern और AMH का बढ़ा होना PCOS के सबसे reliable संकेत हैं। Thyroid को हमेशा PCOS के साथ जांचना चाहिए क्योंकि दोनों के symptoms मिलते-जुलते हैं।
Report देखकर घबराएं नहीं। एक experienced doctor के साथ इसे समझें और आगे का plan बनाएं।
PCOS में pregnant होने के विकल्पों की जानकारी के लिए PCOS में pregnant होने का तरीका पढ़ें।
iSHA Women’s Hospital में PCOS की जांच कराएं
PCOS की पूरी जांच, sonography, blood tests, और उसी दिन consultation, iSHA Women’s Hospital, वापी में एक ही जगह।
वापी, वलसाड, दमन, उमरगाम, सिलवासा और नवसारी से आने वाली महिलाएं appointment बुक करें:
- Online Appointment: ishacare.in/book-appointment
- पता: 2nd Floor, Raj Complex, D-Mart के पास, Chanod, वापी, गुजरात 396195
- ईमेल: mail@drkaushal.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. PCOS का पता लगाने के लिए सबसे पहले कौन सा test कराएं?
सबसे पहले pelvic sonography और basic hormone panel (LH, FSH, Prolactin, TSH) कराएं। अगर इनमें कुछ दिखे तो doctor Testosterone, AMH, और insulin test recommend करेंगे। सब एक साथ करना ज़्यादा efficient होता है।
2. Pcos test kaise hota hai: क्या यह दर्दनाक होता है?
नहीं। Blood tests में सिर्फ एक छोटी सी needle लगती है। Pelvic sonography पेट के ऊपर से होती है, बिल्कुल दर्द रहित। कभी-कभी transvaginal ultrasound की ज़रूरत होती है जो थोड़ी uncomfortable हो सकती है लेकिन दर्दनाक नहीं।
3. AMH test कब कराना चाहिए?
AMH test cycle के किसी भी दिन करा सकते हैं। इसके लिए period का इंतज़ार नहीं करना पड़ता। यह सबसे convenient PCOS test है।
4. Sonography में cysts दिखे तो क्या PCOS हो गया?
ज़रूरी नहीं। Sonography में दिखने वाले छोटे-छोटे follicles PCOS का एक संकेत हो सकते हैं लेकिन अकेले यह diagnosis नहीं है। Hormones और symptoms भी देखे जाते हैं। साथ ही normal महिलाओं में भी कभी-कभी ऐसा दिखता है।
5. PCOS test के लिए period का इंतज़ार करना ज़रूरी है?
Hormone blood tests cycle के 2nd या 3rd दिन सबसे accurate होते हैं। लेकिन अगर period आ ही नहीं रहा तो कभी भी tests करा सकते हैं। AMH और TSH तो किसी भी दिन हो सकते हैं।
6. PCOD aur PCOS ka test same hota hai kya?
हाँ, दोनों के लिए same tests होते हैं। Diagnosis में doctor यह decide करते हैं कि यह PCOD है या PCOS, hormones और sonography मिलाकर। PCOD और PCOS में फर्क समझने के लिए PCOD और PCOS क्या होता है पढ़ें।
7. क्या सिर्फ blood test से PCOS confirm हो सकता है?
Partially। अगर blood test में androgens बढ़े हों और period irregular हो, तो Rotterdam criteria के according PCOS confirm हो सकता है बिना sonography के भी। लेकिन sonography अतिरिक्त जानकारी देती है इसलिए दोनों मिलाकर करना बेहतर है।
8. PCOS test में कितना खर्च होता है?
यह lab और city के हिसाब से अलग होता है। Sonography, complete hormone panel (LH, FSH, AMH, Testosterone, Prolactin, TSH), और blood sugar मिलाकर आमतौर पर 2,000 से 5,000 रुपये के बीच होता है। iSHA Women’s Hospital, वापी में सही pricing के लिए appointment लेकर पूछ सकते हैं।
9. अगर सब tests normal आएं लेकिन period फिर भी irregular हो तो?
तब और कारण देखे जाते हैं। High prolactin, thyroid की fine-tuning, या lifestyle factors हो सकते हैं। कभी-कभी यह functional hypothalamic amenorrhea होती है जो ज़्यादा stress या कम खाने से होती है। Doctor इसे भी investigate करते हैं।
10. PCOS confirm होने के बाद क्या होगा?
Diagnosis के बाद doctor आपकी situation के हिसाब से plan बनाते हैं: lifestyle changes, दवाएं, या fertility treatment। PCOS एक manageable condition है। PCOS में पीरियड को नियमित करने और pregnant होने के options जानने के लिए PCOS में pregnant होने का तरीका और PCOS में पीरियड क्यों नहीं आता पढ़ें।



