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PCOD है और पीरियड अनियमित है। पिछला पीरियड 40 दिन पहले आया था। कल टेस्ट किया, नेगेटिव आया। लेकिन पीरियड अभी भी नहीं आया।

अब क्या करें?

यह सवाल हर उस महिला के मन में आता है जिसे PCOD है और जो प्रेगनेंट होने की कोशिश कर रही है, या बस यह समझने की कोशिश कर रही है कि उसके शरीर में चल क्या रहा है।

सामान्य महिलाओं के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट का सही वक्त आसानी से पता चलता है, पीरियड मिस होने के बाद। लेकिन PCOD में जब पीरियड खुद अनियमित हो, तो “मिस हुआ” का मतलब क्या है? और टेस्ट कब करें जब cycle का कोई भरोसा नहीं?

इस लेख में डॉ. कौशल पटेल, iSHA Women’s Hospital & IVF Centre, वापी के संस्थापक और fertility specialist, यही समझा रहे हैं।

पहले यह समझें: PCOD में “पीरियड मिस” का मतलब अलग होता है

एक सामान्य महिला की menstrual cycle 28 से 32 दिनों की होती है। उसका ओव्यूलेशन 14वें दिन के आसपास होता है। अगर वह 35वें दिन तक पीरियड का इंतज़ार करे और न आए, तो “मिस हुआ” मानना सही है।

PCOD में यह गणित पूरी तरह बदल जाती है।

PCOD से पीड़ित महिलाओं में cycle 35 दिन से लेकर 90 दिन तक की हो सकती है। कई बार ओव्यूलेशन होता ही नहीं, जिसे anovulatory cycle कहते हैं। और जब ओव्यूलेशन होता भी है, तो cycle के 20वें, 30वें या 45वें दिन होता है।

इसका मतलब: PCOD में “40 दिन हो गए और पीरियड नहीं आया” का यह मतलब नहीं कि पीरियड मिस हुआ। हो सकता है ओव्यूलेशन अभी हुआ ही न हो।

और इसीलिए PCOD में pregnancy test का सही समय calendar से नहीं, बल्कि ओव्यूलेशन से count होता है।

PCOD में प्रेगनेंसी टेस्ट का सही समय क्या है

प्रेगनेंसी टेस्ट hCG हॉर्मोन को पकड़ता है। यह हॉर्मोन fertilization के बाद, जब embryo uterus में implant होता है, तब बनना शुरू होता है। Implantation आमतौर पर ओव्यूलेशन के 6 से 12 दिन बाद होता है। उसके बाद hCG बढ़ने में और 2 से 4 दिन लगते हैं।

इसलिए pregnancy test का सही समय है: ओव्यूलेशन के कम से कम 14 से 17 दिन बाद।

सामान्य महिला में ओव्यूलेशन 14वें दिन होता है, तो पीरियड मिस होते ही (28वें दिन) टेस्ट करना सही रहता है।

PCOD में अगर ओव्यूलेशन 35वें दिन हुआ, तो सही टेस्ट समय होगा 49वें से 52वें दिन के आसपास। यानी calendar के हिसाब से “पीरियड 50 दिन लेट है” तब भी यह बहुत जल्दी हो सकता है।

यही वह जगह है जहाँ ज़्यादातर PCOD patients गलती करती हैं। वे 20 या 30 दिन पर टेस्ट करती हैं, नेगेटिव आता है, घबरा जाती हैं, जबकि शायद ओव्यूलेशन हुआ ही नहीं था।

PCOD में ओव्यूलेशन का पता कैसे चलेगा: 4 तरीके

अगर ओव्यूलेशन से count करना है, तो पहले यह जानना ज़रूरी है कि ओव्यूलेशन हुआ या नहीं। PCOD में यह अपने आप पता नहीं चलता। इसके लिए ये तरीके हैं।

1. Follicular Monitoring Ultrasound: सबसे भरोसेमंद तरीका

यह PCOD में ovulation track करने का सबसे सटीक और सबसे recommended तरीका है।

इसमें डॉक्टर cycle के 8वें से 10वें दिन ultrasound करते हैं और देखते हैं कि ovaries में follicles (अंडे के थैले) बन रहे हैं या नहीं। फिर हर 3 से 4 दिन पर दोबारा ultrasound होता है जब तक कि एक dominant follicle 18 से 22mm का न हो जाए।

जब follicle इस size तक पहुंच जाता है, तो ओव्यूलेशन आसन्न है। उसके बाद का ultrasound confirm करता है कि follicle फूट गया, यानी ओव्यूलेशन हो गया।

इसके बाद से 14 से 17 दिन का इंतज़ार करके pregnancy test करना सबसे सही है।

PCOD में follicular monitoring iSHA Women’s Hospital, वापी में उपलब्ध है। यहाँ PCOS testing और monitoring की पूरी सुविधा है।

2. Ovulation Predictor Kit (OPK): काम करता है, लेकिन सावधानी ज़रूरी है

OPK यूरिन में LH (Luteinizing Hormone) को measure करता है। ओव्यूलेशन से 24 से 36 घंटे पहले LH surge आता है, जिसे OPK positive दिखाता है।

PCOD में OPK के साथ एक समस्या है: PCOD में वैसे भी LH का level थोड़ा बढ़ा रहता है। इससे कभी-कभी false positive आ सकता है। यानी kit positive दिखाए लेकिन असल ओव्यूलेशन हो ही न।

NCBI पर प्रकाशित एक research के अनुसार, PCOD में LH fluctuations इतनी अनियमित हो सकती हैं कि standard OPK strips reliable नहीं रहतीं। इसीलिए OPK को follicular monitoring के साथ use करना ज़्यादा सही है, अकेले नहीं।

3. Basal Body Temperature (BBT): long-term pattern के लिए

हर सुबह बिस्तर से उठने से पहले, बिना कुछ खाए-पिए, thermometer से temperature लें और नोट करें।

ओव्यूलेशन के बाद progesterone बढ़ती है जिससे body temperature 0.2 से 0.5 डिग्री बढ़ जाती है और अगले पीरियड तक बढ़ी रहती है।

यह तरीका ओव्यूलेशन की predict नहीं करता, लेकिन बाद में confirm ज़रूर करता है। PCOD में इसे कई महीने track करने पर pattern समझ आता है। अकेले इस तरीके पर निर्भर रहना PCOD में उतना useful नहीं।

4. Cervical Mucus देखना

ओव्यूलेशन के करीब आने पर vaginal discharge पतला, transparent, और कच्चे अंडे की सफेदी जैसा हो जाता है। इसे “egg white cervical mucus” कहते हैं।

PCOD में यह बदलाव हो सकता है लेकिन अनियमित cycle में इसे पकड़ना मुश्किल होता है। यह एक supporting sign है, primary method नहीं।

PCOD में pregnancy test कैसे करें: 5 ज़रूरी बातें

टेस्ट करने का तरीका सही हो तो नतीजा सटीक आता है। PCOD में ये बातें खास तौर पर ध्यान रखें।

1. हमेशा सुबह का पहला यूरिन इस्तेमाल करें

रात भर की नींद के बाद यूरिन सबसे ज़्यादा concentrated होता है। hCG की मात्रा इसमें सबसे ज़्यादा होती है। दिन के दूसरे या तीसरे यूरिन से test करने पर नतीजा कम सटीक होता है।

2. टेस्ट से पहले बहुत पानी न पिएं

रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद टेस्ट करने से पहले पानी कम पिएं। ज़्यादा पानी hCG को dilute कर देता है और नेगेटिव आ सकता है।

3. Kit की expiry date चेक करें

पुरानी या expire हो चुकी kit गलत नतीजा दे सकती है। हर बार नई kit इस्तेमाल करें और पैकेट पर दिए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

4. Result 2 मिनट में पढ़ें

10 या 15 मिनट बाद नतीजा पढ़ना सही नहीं होता। इस दौरान evaporation line आ सकती है जो positive जैसी लगती है लेकिन होती नहीं। 2 मिनट पर पढ़ें, जैसा kit पर लिखा हो।

5. नेगेटिव आए तो 5 से 7 दिन बाद दोबारा करें

PCOD में एक नेगेटिव result अंतिम नहीं होता। अगर आपको लगता है कि ovulation हाल ही में हुआ था, तो 5 से 7 दिन बाद सुबह दोबारा test करें।

प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव आने के बाद के सभी कदमों के बारे में विस्तार से जानने के लिए पीरियड मिस और टेस्ट नेगेटिव: अब क्या करें पढ़ें।

PCOD में Blood Pregnancy Test क्यों ज़्यादा सटीक है

घर का यूरिन टेस्ट तब काम करता है जब hCG एक निश्चित level से ऊपर हो, आमतौर पर 20 से 25 mIU/mL।

Blood Beta hCG test 5 mIU/mL जितनी कम मात्रा को भी पकड़ लेता है। यानी यह यूरिन टेस्ट से 4 से 5 दिन पहले ही प्रेगनेंसी confirm कर सकता है।

NHS UK के अनुसार, blood pregnancy test urine test की तुलना में बहुत पहले और बहुत सटीकता से प्रेगनेंसी detect कर सकता है।

PCOD में जहाँ ओव्यूलेशन की timing अनिश्चित हो, वहाँ blood test ज़्यादा भरोसेमंद है। अगर दो या तीन urine tests नेगेटिव आएं और शक बना रहे, तो blood Beta hCG test करवाएं।

क्या PCOD में naturally प्रेगनेंट होना मुमकिन है

हाँ। बिल्कुल मुमकिन है।

PCOD से पीड़ित बहुत सी महिलाएं बिना किसी fertility treatment के naturally conceive करती हैं। लेकिन इसके लिए ovulation होना ज़रूरी है। और PCOD में ovulation की timing और frequency दोनों अनिश्चित होती हैं।

कुछ चीज़ें हैं जो naturally ovulation को बेहतर बना सकती हैं:

  • वज़न कम करना: शरीर का सिर्फ 5 प्रतिशत वज़न कम करने से भी PCOD में ovulation बेहतर हो सकता है
  • Low GI diet: insulin resistance कम होने से androgen कम होता है और ovulation सुधरता है
  • Regular exercise: रोज़ 30 से 45 मिनट walking या yoga
  • तनाव कम करना: cortisol घटने से hypothalamus बेहतर काम करता है
  • नींद नियमित करना: hormone regulation के लिए 7 से 8 घंटे ज़रूरी हैं

Cleveland Clinic के अनुसार, PCOS में weight loss सबसे असरदार पहला कदम है जो ovulation restore कर सकता है और conception की संभावना बढ़ा सकता है।

PCOD में गर्भधारण के पूरे treatment options के बारे में जानने के लिए PCOS में गर्भधारण का उपचार पढ़ें।

PCOD में Ovulation Induction: जब natural तरीका काफी न हो

अगर lifestyle changes के बाद भी ovulation नियमित नहीं हो रहा, या अगर आप 6 महीने से कोशिश कर रही हैं और प्रेगनेंट नहीं हो पा रहीं, तो डॉक्टर ovulation induction की सलाह दे सकते हैं।

इसमें कुछ दवाएं दी जाती हैं जो follicle को grow करने और ओव्यूलेशन होने में मदद करती हैं:

  • Letrozole: PCOD में ovulation induction के लिए पहली पसंद। Cycle के 2nd से 6th दिन लिया जाता है।
  • Clomiphene Citrate (Clomid): पुरानी और widely used दवा। कुछ मामलों में अभी भी effective।
  • Gonadotropin injections: जब oral medicines काम न करें।

इन दवाओं के साथ follicular monitoring ultrasound किया जाता है ताकि पता चले कि follicle grow हो रहा है या नहीं। जब follicle सही size पर पहुंचे तो hCG injection से ovulation trigger किया जाता है।

इसके बाद ओव्यूलेशन confirm होता है और 14 दिन बाद pregnancy test किया जाता है। यह पूरा process PCOD में pregnancy test का सबसे reliable तरीका है।

PCOD में कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है

हर महिला का शरीर अलग है। लेकिन कुछ संकेत हैं जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए:

  • PCOD है और 6 महीने से conceive करने की कोशिश कर रही हैं पर नहीं हो रहा
  • 35 साल से ऊपर हैं तो 3 महीने की कोशिश के बाद ही डॉक्टर से मिलें
  • Cycle 90 दिन से ज़्यादा हो गई हो
  • Ovulation के कोई भी लक्षण नहीं दिखते
  • 2 या 3 बार pregnancy test नेगेटिव आ चुका हो और फिर भी पीरियड न आया हो
  • पेट के निचले हिस्से में एक तरफ दर्द हो (ectopic pregnancy का संकेत हो सकता है)

PCOD को और PCOD से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए हमारा cornerstone article PCOD और PCOS क्या होता है ज़रूर पढ़ें।

डॉ. कौशल पटेल की सलाह: PCOD में pregnancy test को लेकर सबसे ज़रूरी बात

“PCOD में pregnancy test नेगेटिव आना और पीरियड न आना, यह combination बहुत confusing होता है। और ज़्यादातर महिलाएं या तो बहुत जल्दी घबरा जाती हैं या बहुत देर तक इंतज़ार करती रहती हैं।

मैं अपने clinic में हर PCOD patient को यही कहता हूं: calendar से test का समय मत तय करो। पहले यह जानो कि ओव्यूलेशन हुआ या नहीं। और यह सबसे सही follicular monitoring ultrasound से पता चलता है।

अगर ओव्यूलेशन confirm हुआ है और उसके 14 दिन बाद भी test नेगेटिव आए और पीरियड न आए, तो blood beta hCG test करो। उससे भी नेगेटिव आए तो मेरे पास आओ। हम अगले कदम तय करेंगे।

घबराहट में बार-बार test करने से कुछ नहीं मिलता। सही समझ और सही timing से हर PCOD patient के लिए pregnancy possible है।”

डॉ. कौशल पटेल
स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ, IVF Specialist
संस्थापक, iSHA Women’s Hospital & IVF Centre, वापी
12,000+ सफल सर्जरी | 25,000+ परामर्श | 15+ वर्ष का अनुभव

सारांश: pcod mein pregnancy test kab kare

PCOD में pregnancy test का सही समय calendar से नहीं, ओव्यूलेशन से तय होता है। ओव्यूलेशन के कम से कम 14 से 17 दिन बाद, सुबह के पहले यूरिन से test करें।

ओव्यूलेशन का सबसे सटीक पता follicular monitoring ultrasound से चलता है। OPK kits PCOD में अकेले reliable नहीं होते।

अगर दो या तीन urine tests नेगेटिव आएं और संदेह हो, तो blood beta hCG test करवाएं। और अगर 6 महीने की कोशिश के बाद भी सफलता न मिले, तो बिना देर किए किसी fertility specialist से मिलें।

PCOD एक चुनौती है, लेकिन obstacle नहीं। सही जानकारी और सही समय पर सही कदम उठाना ही इसका सबसे बड़ा इलाज है।

वापी में परामर्श और Follicular Monitoring के लिए iSHA से मिलें

PCOD में pregnancy की कोशिश कर रही हैं और सही guidance चाहिए? iSHA Women’s Hospital में डॉ. कौशल पटेल से मिलें। Follicular monitoring, ovulation induction, blood tests और fertility counselling सब एक ही जगह।

वापी, वलसाड, उमरगाम, दमन, सिलवासा और नवसारी की महिलाएं appointment बुक करने के लिए:

  • Online Appointment: ishacare.in/book-appointment
  • पता: 2nd Floor, Raj Complex, D-Mart के पास, Chanod, वापी, गुजरात 396195
  • ईमेल: mail@drkaushal.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. PCOD में pregnancy test कितने दिन बाद करना चाहिए?

Calendar के दिन नहीं गिनें। ओव्यूलेशन confirm होने के 14 से 17 दिन बाद सुबह के पहले यूरिन से test करें। अगर ओव्यूलेशन track नहीं कर रहीं, तो पिछले पीरियड के 45 से 50 दिन बाद test करना एक rough guideline है, लेकिन यह exact नहीं है।

2. PCOD में period miss होने पर तुरंत test करना सही है?

नहीं। PCOD में “पीरियड मिस” हुआ या नहीं, यह तय करना ही मुश्किल होता है। अगर आपकी cycle वैसे भी 40 से 50 दिन की है, तो 35वें दिन test करना बहुत जल्दी है। Follicular monitoring से ovulation track करें, फिर 14 दिन बाद test करें।

3. PCOD में OPK test positive आए तो क्या तुरंत pregnant test करें?

नहीं। OPK positive आने का मतलब है LH surge आया, यानी ovulation होने की संभावना है। अब ओव्यूलेशन confirm होने के 14 से 17 दिन बाद pregnancy test करें। OPK positive के अगले दिन test करना बहुत जल्दी है।

4. PCOD में blood pregnancy test कब करना चाहिए?

अगर urine test नेगेटिव आए लेकिन संदेह हो, तो ओव्यूलेशन के 12 से 14 दिन बाद blood beta hCG test करवाएं। यह urine test से 4 से 5 दिन पहले प्रेगनेंसी detect कर सकता है।

5. क्या PCOD में ovulation होता ही नहीं?

हमेशा नहीं। PCOD में ovulation हो सकता है, लेकिन यह irregular होता है। कभी cycle के 20वें दिन, कभी 45वें दिन। कुछ cycles में होता ही नहीं, जिसे anovulatory cycle कहते हैं। Follicular monitoring से पता चलता है।

6. PCOD में अगर ovulation नहीं होता तो pregnancy कैसे होगी?

Ovulation induction medicines जैसे Letrozole या Clomiphene से ovulation trigger किया जाता है। इसके साथ follicular monitoring और hCG injection से ovulation confirm किया जाता है। इस तरीके से PCOD में भी pregnancy possible है।

7. Follicular Monitoring Ultrasound कब शुरू होती है?

आमतौर पर cycle के 8वें से 10वें दिन। इसके बाद हर 3 से 4 दिन पर ultrasound होती है जब तक ovulation confirm न हो जाए। यह process iSHA Women’s Hospital, वापी में available है।

8. PCOD में pregnancy test negative आया, क्या यह confirm है कि pregnant नहीं हूं?

ज़रूरी नहीं। अगर ओव्यूलेशन देरी से हुआ हो और hCG अभी detect होने लायक न हो, तो test नेगेटिव आ सकता है। 5 से 7 दिन बाद दोबारा करें। या blood beta hCG test करवाएं जो ज़्यादा sensitive है।

9. PCOD में कितने समय तक naturally conceive करने की कोशिश करनी चाहिए?

35 साल से कम उम्र में 6 महीने। 35 से ऊपर हैं तो 3 महीने। इसके बाद fertility specialist से मिलना समझदारी है। जल्दी मिलने से treatment options ज़्यादा होते हैं और success rate बेहतर होती है।

10. क्या PCOD में IVF ज़रूरी है?

ज़्यादातर मामलों में नहीं। PCOD में पहले ovulation induction और timed intercourse या IUI try किया जाता है। IVF तब suggested होता है जब इन तरीकों से सफलता न मिले या कोई और कारण जैसे blocked tubes या male factor भी हो।

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